शहडोल l
शहडोल में कोरोना से एक युद्ध मेरे मित्र ने भी जीता है । वरिष्ठ पत्रकार अजय जयसवाल ऐसे योद्धा है जो हाल ही में मौत से जंग जीत कर जिंदगी की गोद में फिर बैठे हैं। पुलिस कंट्रोल रूम के सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान श्री जायसवाल के बगल में कोरोना वारियर ही बैठे थे ऐसा उनको भ्रम हुआ क्योंकि उस कांफ्रेंस के बाद ही वह अस्वस्थ हो गए इसी बीच उन्हें भोपाल जाना पड़ा जहां उनके बेटा बहु है 2 दिन रुकने पर उनका फीवर बढ़ता गया। अस्पतालों की दूरियां अपने निवास से देखते हुए उन्होंने शहडोल लौटने का फैसला किया । यहां आकर वह जिला चिकित्सालय में कोविड- जांच कराएं और पॉजिटिव आने पर होम आइसोलेशन में अपना ट्रीटमेंट चिकित्सक की सलाह पर लेते रहे 10 दिन बाद स्वस्थ हो गए उसके बाद भी पिछले 25 दिनों से घर में ही रहकर पत्रकारिता के अपने दायित्व का निर्वहन बखूबी निभा रहे हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैl गरम पानी के गरारे दूध में हल्दी, सादा भोजन हल्का अनुलोम विलोम और सुबह शाम की वाकिंग को शस्त्र बनाकर उन्होंने जंग जीत ली ।
आज वे पूर्ण स्वस्थ हैं और कमिश्नर कलेक्टर मेडिकल टीम तथा उनके अपने मित्रों शुभचिंतकों को हृदय से धन्यवाद देते है और कहते हैं कि इलाज के साथ-साथ आपकी मनोवृति और धैर्य इस जंग को जीतने में बहुत ही सहायक होते हैं । अजय जयसवाल अपने अनुभव शेयर करते हुए कहते हैं कि यदि कोई भी व्यक्ति सकारात्मक सोच रखते हुए बिना भयभीत हुए कोविड-19 के लिए बनाई गई गाइडलाइन का पालन करता है तो इस महामारी की जंग जीतने में उसे कोई नहीं रोक सकता I श्री जायसवाल एक बात और कहते हैं की यदि आप हंसते मुस्कुराते गीत गाते और एक्सरसाइज मॉर्निंग वॉक इवनिंग वॉक करते रहें तो बीमारी को पराजित करना आसान हो जाता है l




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