जिला कांग्रेस अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह नए प्रशासन से की मांग
शहडोल l जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आजाद बहादुर ने मध्यप्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि 5 मई को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरुद्ध धरना प्रदर्शन एवं पुतला दहन करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए lआजाद बहादुर सिंह ने कहा है कि आज सब पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए यदि प्रशासन निष्पक्ष है तो सरकार किसी की भी हो क्या उसे छूट मिलनी चाहिए। धरना प्रदर्शन और पुतला दहन की,आज कोरोना प्रोटोकॉल के विरुद्ध कोई कुछ भी करें यह कानूनन अपराध नहीं है क्या? कोरोना प्रोटोकॉल में मृत्यु प्राप्त लोगों को उनके घर वालों को डेडबॉडी नहीं सौंपी जाती और उनका दाह संस्कार सरकारी तौर पर जो प्रोटोकॉल तय होता है जिस श्मशान में वही होता है आज प्रोटोकॉल तोड़ने वालों के ऊपर क्या कार्यवाही होगी यह देखना है कि सिर्फ निहत्थे व निरीह जनमानस के लिए ही सारे लाठी-डंडे और कानून है।जबाब दो।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यह धरना प्रदर्शन और पुतला दहन मर रहे कोरोना पीड़ित लोगों को जब आक्सीजन नहीं मिल रहा था, दवाएं नहीं मिल रही थी,बेड नहीं मिल रहा था, उस समय यह सब लोग किस बिल में घुसे हुए थे। आज 4 दिन की सरकार जो चुनी हुई है प.बंगाल के लोगों ने नकार दिया इन्हें कुछ सूझ नहीं रहा चूनी सरकार को किस तरह से बदनाम कर कानून व्यवस्था की कमी बताकर उसे भंग कराने का षड्यंत्र है और इस षड्यंत्र में यह धरना प्रदर्शन हो रहा है यह आज कोविड गाइडलाइन के विरुद्ध है क्योंकि वहां लोग एकत्र हुए पुतला दहन किया ।इसी के विरुद्ध मैं यह कह रहा हूं की तमाम आम नागरिकों को अपनी शादी ब्याह लोगों को एक जगह इकट्ठा होना दाह संस्कार 5 या 10 से ज्यादा लोग एकत्र ना हो ऐसी गाइडलाइन भी जारी है और छोटे मझोले दुकानदार ऐसा करने वाले लोगों के विरुद्ध किस तरह की सख्ती बरती जा रही सरकार द्वारा अगरतला के कलेक्टर का उदाहरण देख चुके हैं हालांकि उसे सस्पेंड कर दिया गया लेकिन मनसा सरकार की क्या है यह साफ दिखता है लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए इन्हें तो धरना प्रदर्शन भी नहीं करना है बल्कि अपनी सरकार से कहना है कि स्वास्थ्य सुविधा दी जाए लोग अकाल मृत्यु को ना प्राप्त हो फिर मैं एक बार कहूंगा कि इनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि नहीं होती है तो सरकार की मनसा साफ है। जवाब दें जिम्मेदार लोग ऐसा क्यों?




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