🤱 *मातृत्व दिवस* 🤱 की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ..🤱
माँ बहुत अनोखी होती है उस जैसा इस जहां में कोई नहीं होता....
#माँ को समर्पित मेरी यह कविता....
माँँ
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माँँ तुम मेरी आत्मा
तुम ही हो परमात्मा ।
तुमसे ही मैं हूँँ
तुम में ही मैं हूँँ ।
तुम हो तो सुरक्षित हैंं हम
तुम कष्ट में तो विचलित हम ।
तुम ही हमारी विपत्ति निवारक
तुम ही हमारी आचरण सुधारक ।
तुमसे ही अच्छे संस्कार मिले हैं
दया सहृदयता के भाव मिले हैं ।
तुम ने ही सिखाया हमको चलना
ठोकर खा कर फिर से संभलना ।
बुरा भला ना किसी को कहना
सिखलाया दर्द को चुपचाप सहना ।
बिखर के कैसे फिर से सिमटना
सिखलाया बुराई से दूर रहना ।
तुम बिन जीवन की कल्पना नहीं
तुम हो तो जीवन में दुख ही नहीं ।
साथ हमेशा हमारे रहना
इतना ही बस तुमसे कहना ।
कि माँँ तुम ही हो जीवन का आधार
हर सपना मेरा तुमसे ही साकार ।
#माँ के बिना एक दिन भी व्यतीत करना कठिन है हर दिन की शुरुआत ही *माँ* से होती है। पर आज के दिन हम *माँ* को यह एहसास दिलाते हैं कि आप हो तो हम हैं । 🤩🤩
डॉ प्रियंका त्रिपाठी शहडोल
*आप सभी को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ*




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