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मातृत्व दिवस पर डॉ प्रियंका त्रिपाठी की कविता

 🤱 *मातृत्व दिवस* 🤱 की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ..🤱 


माँ बहुत अनोखी होती है उस जैसा इस जहां में कोई नहीं होता.... 

 #माँ को समर्पित मेरी यह कविता....


 माँँ

****

माँँ तुम मेरी आत्मा 

तुम ही हो परमात्मा ।

तुमसे ही मैं हूँँ 

तुम में ही मैं हूँँ ।

तुम हो तो सुरक्षित हैंं हम 

तुम कष्ट में तो विचलित हम ।

तुम ही हमारी विपत्ति निवारक 

तुम ही हमारी आचरण सुधारक ।

तुमसे ही अच्छे संस्कार मिले हैं 

दया सहृदयता के भाव मिले हैं ।

तुम ने ही सिखाया हमको चलना 

ठोकर खा कर फिर से संभलना ।

बुरा भला ना किसी को कहना 

सिखलाया दर्द को चुपचाप सहना ।

बिखर के कैसे फिर से सिमटना 

सिखलाया बुराई से दूर रहना ।

तुम बिन जीवन की कल्पना नहीं 

तुम हो तो जीवन में दुख ही नहीं ।

साथ हमेशा हमारे रहना 

इतना ही बस तुमसे कहना ।

कि माँँ तुम ही हो जीवन का आधार 

हर सपना मेरा तुमसे ही साकार ।


 #माँ के बिना एक दिन भी व्यतीत करना कठिन है हर दिन की शुरुआत ही *माँ* से होती है। पर आज के दिन हम *माँ* को यह एहसास दिलाते हैं कि आप हो तो हम हैं । 🤩🤩

डॉ प्रियंका त्रिपाठी शहडोल

*आप सभी को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ*

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